वीर शहीद धर्माराम को नमन करता हूँ, श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ !

वीर शहीद धर्माराम को नमन करता हूँ, श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ !
मेरे स्वयंपाठी व बैचमैट ।।
एक सैल्यूट मेरा भी !
मिट गया वो धर्माराम वतन के वास्ते….
चीख कर उठी एक आवाज कि तारातरा का लाल भारत माँ के लिए काम आ गया ! 
अब शहीद धर्माराम की चिता पर मेले सजते हैं, लेकिन मुर्तियाँ बनकर रह गये वो चौक घर तक ही, पर वे चौराहे पर खींच नही लाये थे, जो किश्ती मुल्क की मझधार से………
वैसे पाकिस्तान के बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर की धोरा धरती में हमेशा वीर सपूतों ने जन्म लिया है, धन्य हैं ये धरा व उस माँ की कोख जिसमे वीर सपूत जन्म लेकर भारत भूमि की रक्षा करते है !

जब-जब भारत भूमि पर संकट आया है, जब जब भारत भूमि ने अपने लालो को पुकारा तब तब बाड़मेर के वीर सपूत भी पीछे नही रहे, चाहे जम्मू कश्मीर की बर्फबारी हो या रेगिस्तान की तपती जमीन !

शत् शत् नमन्

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