ये दौर है लम्बी लड़ाई  का

ये दौर किसी को खुश करने का नहीं है ये दौर किसी खुशफहमी मे भी रहने का नहीं है ये दौर जे एन यू के कन्हैया का भी नहीं है ये दौर एन डी टी वी के रवीश पांडे का भी नहीं है ये दौर किसान नेता नुतों का भी नहीं है ये दौर राजनीति के ठौळेदारों का भी नहीं है ये दौर है हमारी वीरांगनाओं का  ये दौर है हमारी कस्सी का और जेळी का ये दौर है पटाखे और पराळी का ये दौर है बाजार के बायॅकाट का…

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जाट कौम की वर्तमान दशा और दिशा

जाट कौम की वर्तमान दशा और दिशा का आंकलन करना बहुत ही सरल है क्योंकि जाट कौम एक खुली पुस्तक है जो भी इसे पढ़ना चाहे पढ़ सकता है, लेकिन इस पुस्तक को पढ़ने के लिए ग्रामीण चश्मा लगाना होगा क्योंकि यह ग्रामीण कौम है, यदि हम शहरी चश्मा लगाकर पढ़ेंगे तो पूरी तस्वीर नकारात्मक नजर आएगी, इसलिए हम पहले ग्रामीण चश्मा लगाते हैं और इसके बाद कौम की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक तथा धार्मिक स्थिति की दशा और दिशा का अलग-अलग संक्षेप में आंकलन करते हैं, 1:- भौगोलिक…

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